What is programming in hindi | programming क्या है।

What is programming in hindi



What is programming in hindi | programming क्या है।

What is programming,  Computer यह एक Digital Machine है और हर Digital machine (Device) की तरह ही Computer तभी हमारे लिए कोई उपयोगी काम कर सकता है जबकि उसे उस काम को करने के लिए पहले से Program किया गया हो। यानी Computer एक Reprogrammable Device है जिसे अलग-अलग प्रकार की जरूरतों को पूरा करने के लिए बार-बार Reprogram किया जा सकता है।

Computer द्वारा किसी Specific Type की
Requirement को करवाने के लिए हमेंशा किसी
न किसी Programming Language को उपयोग में
लेना होता है। क्योंकि Computer एक निर्जीव machine है जो hindi, English जैसी हमारी किसी language को नहीं समझता बल्कि वह केवल उस language को समझता है, जिसे हम Machine language के नाम से जानते हैं और परेशानी की बात ये है कि हम इन्सान Machine language को आसानी से नहीं समझ सकते। इस स्थिति में Program  को दिए जाने वाले Instructions सरल English language के code के रूप में लिखते हैं, और इन codes को Compile करने पर ये codes उस Machine language में बदल जाते हैं, जिन्हें कोई भी Computer System आसानी से अच्छे से समझ सकता है और हमें वो Output Provide करता है, जिनके लिए हमने हमारे Computer को Program किया होता है।

Digital Devices को Program करने के लिए भी हम
सामान्सत: दो तरह की Programming कर सकते हैं।
पहले प्रकार की Programming वह Programming
होती है जो किसी भी Computer को काम करने के  लायक अवस्था में लाने के लिए की जाती है। इस प्रकार की
Programming को भी हम दो भागों में बांट सकते है

1. hardware programming and
2. software programming...


Types of Programming in hindi | programming के प्रकार 

Computer एक Digital Machine है । Computer तभी कोई काम कर सकता है जब उसे किसी काम को करने के लिए Program किया गया हो। Programming दो तरह की होती है:

एक Programming वह होती है जो किसी Computer को काम करने लायक अवस्था में लाने के लिए की जाती है। इस Programming को भी दो भागों में बांटा जा सकता है।


Hardware Programming :- 

इस hardware Programming में Computer के सभी Hardware सामिल होते हैं यानी Computer के Motherboard पर लगाए गए सभी प्रकार के Chips व Computer से जुडे हुए अन्य विभिन्न प्रकार के Peripherals mouse, keyboard, Speaker, Monitor, Floppy Disk, Hard Disk, CD Drive आदि को Check करने व Control करने के लिए हर Mother Board पर एक BIOS Chip लगाई जाती है। इस BIOS Chip का मुख्य काम Computer को ON करते ही विभिन्न प्रकार के Devices को Check करना होता है। यदि Computer के साथ जुडी हुई कोई Device ढंग से काम नहीं कर रही है, तो BIOS User को विभिन्न प्रकार की Error Messages देता है। BIOS Chip के अन्दर ही प्रोग्राम को लिखने का काम BIOS बनाने वाली Company करती है।

इसे Hard Core Programming या Firmware कहा जाता है। Hardware Programming में Chip को बनाते समय ही उसमें Programming कर दी जाती है । किसी भी Computer के Motherboard पर लगी BIOS Chip यदि खराब हो जाए. तो Computer किसी भी हालत में काम करने लायक अवस्था नहीं आ सकता यानी Computer कभी Boot नहीं होता।


Software Programming :-

Computer को काम करने लायक अवस्था में लाने के लिए जिस Software को बनाया जाता है. उसे Operating System Software कहा जाता है। BIOS Chip का काम पूरा होने के बाद Computer का पूरा Control Operating System Software के पास आ जाता है। Computer के पास BIOS से Controlling आने के बाद सबसे पहले Memory में Load होने वाला Software Operating System Software ही होता है। इसे Master Software भी कहते हैं।

आज विभिन्न प्रकार के Operating System Software बन चुके हैं जैसे DOS, Windows, OS/2, WRAP, Unix, Linux आदि। इन सभी Software का मुख्य काम Computer को Boot करके User के काम करने योग्य अवस्था में लाना होता है। दूसरी Programming वह Programming होती है, जिससे Computer हमारी बात को समझता है और हमारी इच्छानुसार काम करके हमें परिणाम प्रदान करता है। इन्हें Application Software कहा जाता है। हम किसी भी Operating System के लिए किसी भी भाषा में जब कोई Program लिखते हैं तो वास्तव में हम Application Software ही लिख रहे होते हैं। Application Software का मुख्य काम किसी विशेष समस्या का समाधान प्रदान करना होता है। MS-Office, Corel -Draw, PageMaker, Photoshop आदि Application Software के उदाहरण हैं, जो हमें किसी विशेष समस्या का समाधान प्रदान करते हैं। जैसे यदि हमें Photo Editing से सम्बंधित कोई काम करना हो, तो हम Photoshop जैसे किसी Application Software को उपयोग में लेते हैं।

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