Normalization of database in hindi | Normalization की परिभाषा एवं प्रकार

Normalization of database in hindi | Normalization की परिभाषा एवं प्रकार

Normalization of database in hindi | Normalization की परिभाषा एवं प्रकार ;-


Normalization of database - Relational database design के लिये E- R model तथा Normalization दो एप्रोच है, जिसमें से Normalization में Database के सभी attitudes को एक ही स्थान पर collect कर लिया जाता है तथा आगे फिर इन्हें फंक्शनल निर्भरता (functional dependency), Transitive dependency तथा multivalued dependency आदि के आधार प्रर Decompose करके छोटे-छोटे relation में बाँटा जाता है। इन छोटे-छोटे रिलेशनों के collection relational database कहलाता है।

Normalization एक ऐसी प्रक्रिया है जो जटिल data structure को साधारण data structure में परिवर्तित करता है। इसका लाभ यह है कि इन छोटी relation योजनाओं को हम आसानी से सँभाल सकते हैं तथा इनके द्वारा बहुत अच्छे relation database का निर्माण कर सकते हैं। ये relational योजनाएँ ही सामान्य रूप से relation या table कहलाती हैं।


Normalization की स्थिति में सभी attitudes को एक ही स्थान पर एकत्र (collect) किया जाता है। इसे एक ही relation के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। इसे relation को आगे कायात्मक निर्भरता, दायित्व निर्भरता व बहु-वैल्यू के आधार पर छोटे relation में विकसित किया जाता है। इस छोटे relation के संकलन को relational database कहते हैं। Normalization तकनीक द्वारा विषम विचारात्मक database की संरचना को छोटी व आसान relation scheme में बाँटा जाता है।

Normalization की प्रक्रिया अच्छी किस्म की relation schemes का production करती हैं, इन्हें relation भी कहते हैं। Normalization नीचे से ऊपर की ओर की-एप्रोच E-R modeling की स्थिति में भी प्राप्त की गई। Relation schemes को एक बेहतर design पाने के लिये Normalization किया जाता है।



Normalization  के process को easily perform करने के लिए हम इसके कुछ form का use करते हैं जो इस प्रकार हैं। --

Types of normalization with examples ;-


1.  1NF ( First Normal Form )
2.  2NF ( Second Normal Form )
3.  3NF ( Third Normal Form )
4.  BCNF ( Boyee Code Normal Form )
5.  4NF ( Fourth Normal Form )
6. 5NF ( Fifth Normal Form )



(1) 1NF ( First Normal Form ) ;-

एक table first NF में तब होता है जब उसमे कोई key multivalue attribute न हो। हम इसके example को इस प्रकार describe कर सकते है।

1NF ( First Normal Form table )


(2) 2NF ( Second Normal Form ) ;- 

एक table 2NF में तब होता है जब वह केवल 1NF
में हो और उसके हर Non-key attribute उसके primary key पर पूरी तरह functionally dependency
हो।

2NF ( Second Normal Form table )

(3) 3NF ( Third Normal Form ) ;-

एक relation third normal form में तब होती है जब वह second Normal form में हो और कोई transitive dependencies न हो।

3NF ( Third Normal Form table )


(4) BCNF ( Boyee Code Normal Form ) ;-

 आर. एफ. बायसी व ई.एफ. काड ने 3NF का एक सशक्त रूप परिभाषित किया। इसे 3½ NF भी कहते है। एक रिलेशन BCNF में होगा, सिर्फ तब जबकि वह 3NF में हो और relation  में प्रत्येक determinate candidate key हो BCNF की स्थिति बहुत कम देखी जाती हैं।


BCNF ( Boyee Code Normal Form table )


(5) 4NF ( Fourth Normal Form ) ;-

एक relation fourth Normal Form में तब होगा जब वह BCNF में हो और उसमें कोई multivalued dependency न हो।

Normalization 4NF table ( Fourth Normal Form )

(6) 5NF ( Fifth Normal Form ) ;- 

Fifth Normal Forms का relation join dependency से है इसका use relation scheme की विशेषता को  define करने के लिये किया जाता है, जिसमें से दो simple relation scheme में बिना किसी data क्षति के विघटित नहीं किया जा सकता है।


Introduction to HTML

Post a Comment

0 Comments