function in c in hindi | function in c language hindi

functions in c in hindi


functions in c in hindi :-

आज हम फंक्शन के बारे में जानेंगे function in c in hindi के बारे में जानने के साथ साथ हम types of function in c in hindi के बारे में भी पड़ेंगेे। 'C' Language में एक बड़े program को कई अलग-अलग Programs में बाँटा जा सकता है। जिन्हे मॉड्यूल (Module) कहते हैं। ये Module ही Function कहलाते हैं। इस प्रकार Function एक उपप्रोग्राम या सैगमेन्ट है जो एक विशिष्ट एवं परिभाषित कार्य करता है। जैसे-sqrt ( ), printf ( ), scanf (), आदि।


Types of functions in c in hindi :-

'C' Language में function को 2 भागों में बांटा गया है-

(1) Library function (लाइब्रेरी फंक्शन)
(2) User-defined function (यूजर डिफाइंड फंक्शन)

(1) Library function in c in hindi :- 

'C' Language की Library कई Function पहले से बने हुये हैं, जिनका उपयोग कुछ स्टैण्डर्ड व पहले से define operation को करने के लिये किया जाता है। ये Functions 'C' Compiler के साथ उपलब्ध होते हैं तथा Proeram में इन्हें उपयोग करने के लिये विभिन्न Header tile (header file) की आवश्यकता होती है। इन Functions को built-in function या Pre-defined भी कहते है। जैसे -sqrt ( ), sin ( ), cos ( ), printf ( ), scanf ( ), आदि

sqrt ( ) :- किसी नम्बर का वर्ग (square root) निकालना।
sin () :- किसी कोण का sine मान निकालना।
printf ( ) :- Output देने के लिये।
scanf ( ) :- Input देने के लिये।

(2) User-defined function in c in hindi:-

अधिकतर स्थितियों में program's को Library Functions के अलावा कुछ ऐसे Functions की आवश्यकता होती है, जो विशेष operation करे। इन Functions को user या program's के द्वारा लिखे जाते हैं, इन्हें User- Defined Function कहते हैं इन्हें UDF भी कहा जाता है।

किसी भी User-Defined Function (UDF) को Main ( ) function के पहले या बाद में बना सकते हैं तथा इसे उसके नाम से एक या एक से अधिक बार Call भी किया जा सकता है। किसी UDF में एक या अधिक Value (Parameter या Argument) पास भी किया जा सकता है।

जैसे, दो नम्बर a तथा b को जोड़ना हो तो 'C' Language में कोई भी Library Function मौजूद नहीं है। यह कार्य करने के लिये हमें एक user-defined function बनाने की आवश्यकता होगी। यह कार्य करने के लिये हम add () नाम का एक Function बनायेंगे तथा इसमें a तथा b की Value को पास करेंगे।

User-Defined Function (UDF) example :-


#include<stdio.h>
#include<conio.h>
int add (int A, int B) → [Called Function]
{
int S;
S = a+ b;
return (S);
}
void main ()→[Calling Funtion]
{
int a, b, ans;
clrscr ();
printf ("Input first Number = ");
scanf ("%d", &a);
printf ("Input second Number = ");
scanf ("%d", &b);
ans = add (a, b);
printf ("Sum of both = %d", ans);
}


Advantage of using function in c in hindi :- 

(1) किसी भी बड़े program को आसानी से छोटे function में विभाजित करके आसानी से बनाया जा सकता है।

(2) जब किसी Statement block को बार-बार लिखा या Execute किया जाता है तब Function अधिक उपयोगी होते हैं।

(3) Function के ठपयोग से Program की त्रुटियों (Errors ) को आसानी हल किया जा सकता है।

(4) Function के उपयोग से Program को लिखना, पढ़ना व समझना आसान होता है।

(5) इससे Program में त्रुटि (Eror) होने की सम्भावना कम हो जाती है।

(6) Function के उपयोग से Program की Size (आकार) कम हो जाती है। इसे किसी भी समय किसी भी जगह विभिन्न Parameter या Value के साथ आसानीं से Call (कॉल) किया जा सकता है।

Function definition in Hindi : -

(1) किसी Function का Code लिखना या उसे परिभाषित करना Function Definition कहलाता है।

(2) किसी भी Function को Main () function के पहले या बाद में Define किया जा सकता है।

(3) Function के Code को Curly brace {} के अन्दर लिखा जाता है।

(4) Function के Definition में Function का Return type, Function का नाम, Parameter
list तथा Return Statement का होना आवश्यक होता है। चूँकि इसकी body होती है अत: इसे Semicolon (;) से Terminate नहीं किया जाता है।

(5) एक Function Define को किसी अन्य Function के अन्दर नहीं बनाया जा सकता।

(6) यहाँ पर निम्न Function Definitin है -

float area(int n)
{
float ar;
ar= (flot) 22/7 * n*n;
riturn (ar);
}



Function declaration in hindi :-

(1) जब किसी User Defined Function को Main () Function के बाद में बनाया जाता है तब उसे Main () Function के अन्दर Local Declaration Section में या Main ( ) Function के पहले Declare करने की आवश्यकता होती है ताकि Computer उसे आसानी से समझ सके। और Program में कोई त्रुटि न आये।

(2) इसे Function Prototyping भी कहते हैं।

(3) Function Declaration में Function का Return type, Function का नाम एवं parametan
list आवश्यक होता है तथा इसे Semicolon (;) से Terminate या समाप्त किया जाता है।

(4) यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Function Declaration में Return Datatype, Function
name तथा Parameter list तथा उनकी संख्या Function Definition के ठीक समान होना चाहिये।

(5) यहाँ निम्न Function Declaration है-
float area (int n);

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