Components of DBMS - Dbms components in Hindi

 

Components of DBMS - Dbms components in Hindi


Components of DBMS के बारे में जानने से पहले हम थोड़ा definition of dbms के बारे में जान लेते है। DBMS को हम साधारण शब्दों में यह कह सकते हैं कि  DBMS एक ऐसा Software है जिसका use किसी database को create, describe, manipulate व Update करने के लिए किया जाता है।


Facility Provided by DBMS - 

(1) Database create करना व उसमें addition (change) Updation, व delete की facility. 

(2) Database Stored data e different calculation Mathematical function perform करने की facility. 

(3) Data integrity को maintain करना।

(4) Different Report generation.

(5) Data को requirement के according access करना। 

(6) Data sorting a selection facility.

Components of DBMS - Dbms components in Hindi



Components of DBMS -

Components of DBMS निम्न प्रकार से है।

(1) DDL ( data definition language ) -  

DBMS का main component DDL होता है जिसका उपयोग किसी Object को define करने के लिए किया जाता है। इसका use table के लिए Structure Prepare करने या उसमें Modification करने Object prepare करने के लिए किया जाता है।

(2) Data Manipulation Language- 

यह ऐसा language है जिसका use database को update करने के लिए किया जाता है। Database में Operation perform करने के लिए जिस code का use करते हैं, उसे query कहते हैं। DML को दो types में divide किया गया है

(i) Procedural DML
(ii) Non-procedural DML 

(i) Procedural DML Procedural dml में Database में Store data को access करने के लिए Process define किया जाता है।

(ii) Non-procedural DML इस DML में हम सिर्फ access किए जाने वाले data को Define करते हैं, Process को नहीं।

(3) DDL Compiler - 

DDL Compiler का use करके किसी data definition Statement को table में Convert करने के लिए किया जाता है और उस table में Store information का use दूसरे Components के द्वारा भी किया जाता है।


(4) DML Precompiler-

DML Statement foreret use fet application program या Normal procedural call में किया जाता है। उस Statement को DML Precompiler host language में convert करता है। DML को query processor के साथ interact करना होता है, जिससे code को generate किया जा सके।

(5) File Manager - 

इसका use किसी disk के लिए Storage space create करने के लिए किया जाता है। Data Structure का use किसी information को Disk में store करने के लिए किया जाता है।

(6) Database Manager- 

database management Person Organization होता है जो निम्न कार्य करता है

(a) Database में Different types के security की Requirement को complete करता है। 

(b) Database failure की Condition में backup और recovery करता है। 

(c) Concurrency Control की facility provide करता है।

(d) File manager के साथ interaction करता है। 

(e) Database में different types की integrity को apply करता है

( 7 ) Data Dictionary -

Database में data को store करने के लिए Data Dictionary का use किया जाता है। Data dictionary में data की definition, data structure और data Storing के Process को define करता है। 

(8) Storage Manager - 

जब Eccess Amount में database use किया जाता है; तब Storage manager का use करते हैं। कम्प्यूटर में Main memory की Storage capacity कम होती है। इस कारण Requirement के According data को Disk storage व main memory के बीच move किया जाता है। 

(9) Authorization Or integrity Manager- 

यह integrity constraint को check करता है। और users की data accessing authority check करता है ।

(10) Buffer manager - 

database Main parts Storage Main memory में data Access व check करता है। ये Main memory से big size को handle करता है।

Storage Manager में निम्न data Structure उपयोग में लाया जाता है 

(i) Data file इसमें database Store रहता है।

(ii) Data Dictionary- यह डेटाबेस स्ट्रक्चर व Metadata स्टोर करता है।

(iii) Data indices यह data fast access होता है। 

(iv) Statistical data यह Database के data की Numerical information store करता है।

(11) Query Evaluation Engine - 

DML Compiler के through create low level instruction को execute करता है।



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