C programming language in hindi | what is c language


What is c programming language in hindi


(C programming language ) जब भी हम computer के field में कदम रखते हैं । तो computer programming मैं हमें सबसे पहले c programming ही सिखाया जाता है। C language एक आसान programming language है school या college में हमें c language ही सबसे पहले सिखाया जाता है। इसलिए इसे सभी programming language
का base कहा जाता है। इस वजह से इस language को सबसे शुरू में सिखाया जाता है।



C programming language एक general purpose high level programming language है। इसे Dennis Ritchie के द्वारा Bell Labs
में सन 1972 में develop किया गया था।


सबसे पहले c language को Unix operating system को develop  इसके बाद इसे विभिन्न system application को create करने के लिए use किया गया।


C language के बाद develop की गई कई language c language का ही syntax follow करती हैं । जैसे कि - PHP, JAVA, JavaScript  आदि।


C language को सीखने के बाद हम आसानी से कोई भी दूसरी programming language सिख सकते हैं।


Advantage of C Language | C language विशेषताएं-



C language में निम्न स्तरीय भाषा एवं उच्च स्तरीय भाषा दोनों के गुण विद्यमान है। इसके अलावा फोरट्रान, कोबोल भी एक उच्च स्तरीय भाषा है लेकिन इस भाषा में निम्न स्तरीय भाषा का गुण नहीं पाया जाता है।

What is c programming language in hindi

इस programming language की स्पीड अपेक्षाकृत तीव्र है यह 0 से 15000 तक की गिनती के लिए लगभग 1 second का समय लेता है। जबकि बेसिक भाषा को 50 second का समय लग जाता है।


C Programing में अनेक Function दिये गए लेकिन इसके अलावा इसकी यह विशेषता है की इसमें User अपने लिए और Function Define कर सकता है।
इसमें 32 की-वर्ड का प्रयोग किया गया है जिसकी सहायता है जटील से जटील function किये जा सकता है।


Structure of C Language | C language की संरचना और उसके मुख्य घटक-


इसमें Header Files का प्रयोग किया जाता है।
Compiler Directives का प्रयोग इसमें किया जाता है।
Function Prototypes का प्रयोग किया जा सकता है।
Function Definiotion  इसमें Function को ही Define करने के लिए किया  जाता है।
इसके अलावा Main Function का भी प्रयोग किया जाता है। जिसका use विभिन्न key word के साथ किया जाता है।


आप तो जानते ही होंगे की किसी भी computer में कोई memory कैसे संरक्षित होता है इसके लिए हमें एक data type को define करना होता है उसके बाद उसका पता बताना होता है यानी की address को define करना होता है। इस पते को ही pointer कहा जाता है। C language की विशेषता यह भी है की इसके द्वारा कोई डाटा किस स्थान पर संरक्षित किया गया है उसका पता भी इसके द्वारा लगाया जा सकता है। और पता जानने के लिए & का प्रयोग हमें करना होता है।



जैसे की हमने कोई Data type जैसे Int को परिभाषीत किया है i से और हमें इसका पता लगाना है तो हमें एक और मान लेना होता है x जो  पूर्णाक का address सुरक्षित रखता है। अब इस address को ज्ञात करने के लिए & का प्रयोग इनमें करना  है जो  इस प्रकार से होगा-

int i = 5
int * x;
p=&t

अब  यहां पर x का पता i है और t में 5 संरक्षित है इस कारण अब *p हमें 5 उत्तर के रूप में देगा।



Method of writing in C language | C language लिखने  की विधि-


C language में किसी program को लिखने के लिए एक main function define करना आवश्यक होता है। इसके लिए सिर्फ एक ही function() को define करना होता है तथा इसमें एक से अधिक function
को define नही करते हैं।
function का Use करने के लिए बड़े कोष्टक { } के अंदर define करना होता है।
प्रत्येक निर्देष का अंत सेमीकोलन " ; " से किया जाता है।
c-language example-

#include<stdio.h>
#include<conio.h>
void main()
int a,b,c;
{
printf("enter a number for a");
scanf("%d",&a);
printf("enter b number for b");
scanf("%d",&b);
c=a+b
printf("result is c");
scanf("%d",&c);
getch();
}

यहां पर हमने एक program बनाया है जिसमें हमने दो संख्याओं a और b को जोड़ा है और उसका उत्तर हमें c के address पर दिया है। इसका Output इस प्रकार होगा-




Output:-

enter a number for 10
enter a number for 20
result is 30



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