Database design in dbms in hindi

Database design in dbms in hindi

Database design in dbms - डेटाबेस डिज़ाइन इन dbms इन हिंदी

hello and welcome दोस्तो आज हम database design in dbms के बारे में जानेंगे, Database के लिए data model prepare करने को Process को database design कहते हैं। एक good database design में निम्न qualities होनी चाहिये -

(1) Problem को Real word structure में show करना।

(2) Required data को on time prepare करना।

(3) Data को easily access करने की facility provide करना ।

किसी database के लिए data को design करने के लिए Process की database system life cycle कहा जाता है।

steps for database design in hindi -

(1) Database planning 

(2) Database Analysis

(3) Database Design

(4) Database implementation

(5) Operation and maintenance

(6) Growth and Change.

Database design in dbms in hindi

(1) Database planning - 

Database planning का main purpose database के लिए plan करना होता है जिसमें किसी Business या organization के through use किये जाने वाले data को define करना होता है।

    सबसे Starting में different types के data को Store किया जाता है। इसके बाद उसका एक model prepare करते हैं और इसी Model का use करके database की Planning की जाती है। यह Process किसी Organization के top management के through किया जाता है। और उसमे निम्न task perform किये जाते हैं 

(a) Development corporate database strategy, 

(b) Develop enterprise model, 

(c) Develop cost/benefit environment, 

(d) Develop data administrative plan. 

(e) Develope database environment.

(2) Database Analysis - 

Database Analysis का main purpose किसी organization के through use किये जाने वाले entities को identify करना होता है। Different types के entities और Relationship को analysis करके draw किया जाता है और New data element को identify किया जाता है जिसकी requirement future में किसी type के change करने के लिए होती है।

steps for database design in hindi

E-R diagram के through किसी database के entity और Relationship को show किया जाता है इसमें किसी item को represent करने के लिए rectangular और Relationship को show करने के लिए diamond box का use किया जाता है। किसी entity के attribute को Clips के through show किया जाता है। दो entity में निम्न प्रकार की Relationship हो सकती हैं

Types of Relationship:

(1) One to one (1:1)

(2) One to many (1 : m) 

(3) Many to many (m: m)

(3) Database Design - 

Database design का main purpose किसी logical database को develop करना होता है जिसका use किसी organization के through future में किया जाता है। Database design को दो Step में divide किया गया है

(a) Logical Design 

(b) Physical design

(a) Logical Design - 

इसमें किसी Relationship को Normalize किया जाता है। इसमें logical database को design किया जाता है जिसे Machine में implement किया जाता है।

(b) Physical Design - 

इसमें Special DBMS का use करके database को define किया जाता है और इसका use करके किसी data को database में store किया जाता है। इससे निम्न कार्य किया जा सकता है। 

(a) Perform Logical Database Design

(b) Design External Model

(c) Design Internal Model 

(d) Design Integrity Control

(4) Database Implementation - 

Database designing process close करने के बाद implementation process को Start किया जाता है। किसी Implementation Process का first step database prepare करना होता है जिसे initial load भी कहा जाता है। Database Starting में empty होता है जिसे बाद में data से fill किया जाता है। Database administrator के through loading process को पूरा किया जाता है। Loading process में यदि किसी प्रकार का error होता है तब इसे DBA के through उसे सही किया जाता है।

Database implementation में निम्न types के work किये जाते हैं

(a) Specify database access policies,

(b) Supervise test procedure, 

(c) Establish Security Controls,

(d) Develop application programming Standards, 

(e) Establish procedure for backup recovery conduct user training.

(5) Database Operation and Maintenance - 

यह हमेशा Perform होने वाला Process है। इसका use किसी database को update करने के लिए किया जाता है। For example - किसी New employee के records को database में add करने के Process को updating database कहा जाता है। 

किसी Students के address को change करने के method को maintenance कहा जाता है। किसी database maintenance में किसी नये field को add किया जाता है। Field की size को change किया जाता है या किसी field को delete किया जा सकता है। 

Database operation और maintenance में निम्न कार्य किया जाता है 

(a) Monitor database performance 

(b) Tune and receognize database DBA

(c) Enforce Standard and procedure 

(d) Support user.

(6) Growth and change - 

Database किसी organization में जब किसी प्रकार का परिवर्तन किया जाता है। तब इसे database में change करना होता है। इस प्रकार का Change database administrator के through किया जाता है। किसी प्रकार के change के लिए एक plan prepare किया जाता है। इसके निम्न कार्य होते हैं -

(a) Implement change control procedure,

(b) Plan growth and change 

(c) Evaluate new technology

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