Data security in Hindi - data security measures

Data security in Hindi


 आज हम डाटा security के बारे में जानेंगे। Data में होने वाले attackes को रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीक या विधियां प्रयोग को जाती है, जिन्हें data security measures कहा जाता है। ये निम्नलिखित हैं:


1. Authentication - इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाता है कि data को प्रयोग करने वाला व्यक्ति अधिकृत user है। जब कोई व्यक्ति किसी system या network में login करता है, तो उसके authentication के लिए निम्नलिखित दो विधियां अपनाई जाती है

(अ). Something you know - इसके अन्तर्गत किसी व्यक्ति के identiy को authenticate किया जाता है। इसके लिए userID password, code या sequence का प्रयोग किया जाता है। इसमें यह माना जाता है कि यदि आपके पास गुप्त कोड या passowrd है, तो आप एक valid तथा authorized user है।


(ब). Something you are - इसमें एक key की आवश्यकता होती है जो एक badge, signature, token, device आदि कुछ भी हो सकता है। इसका प्रयोग मुख्यत: Biomatric devices (Iris, Fingerprint, voice etc.) युक्त डिवाइस के सहायता से किया जाता है।


2. Integrity - Integrity का सम्बन्ध data के accuracy से है। इसका तात्पर्य यह है कि data व information का अनाधिकृत, अनियंत्रित या दुर्घटनावश हुए परिवर्तन अथवा transmission को रोकना है। Integrity से हमें केवल consistent data प्राप्त होते हैं। इसे data के अनाधिकृत, अनियमित परिवर्तन को रोककर प्राप्त किया जा सकता है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जाता है कि प्राप्त वाला data अपूर्ण, अनियमित या गलत ना हो। उदाहरण के लिए किसी संस्था में कार्य समय सुबह 11 से शाम 5 बजे तक है, तो उस संस्था में enter होने वाले data का समय भी इसी timeline में होना चाहिए, अर्थात वह यदि निर्धारित समय से पहले या बाद में data insert करता है तो यह एक invalid user के द्वारा insert किया गया data हो सकता है। इसी प्रकार यदि user के द्वारा निर्धारित attempt तक गलत ID व password enter किया जाए तो वह एक अनाधिकृत व्यक्ति हो सकता है। इसे रोकने के लिए database triggers को प्रयोग किया जा सकता है।


3. Privacy- इसमें किसी नेटवर्क में user के द्वारा data receive या access करने की क्षमता या - कार्यक्षेत्र को निर्धारित कर दिया जाता है। वह user केवल उसी data को access कर सकता है जितने की उसे अनुमति प्राप्त होती है। इस प्रकार वह अपने कार्यक्षेत्र के बाहर के data को ना तो देख सकता है और ना हो access कर सकता है। इसे हम data abstraction भी कह सकते हैं।


4. Non Repudiation- इसमें information या file को अन्य व्यक्तियों के द्वारा प्रयोग किये जाने से रोका जाता है। इसमें sender या receiver के द्वारा files को भेजते समय उसमें कुछ additonal information को जोड़ दिया जाता है जिससे वह अन्य लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। इस प्रकार उसके valid user ही प्रयोग कर सकते हैं।  


Hacking in hindi || हैकिंग क्या है।


सामान्यतः किसी अनाधिकृत व्यक्ति के द्वारा किसी सिस्टम को प्रयोग करना ही Hacking के कहलाता है, जिसमें कम्प्यूटर व data को बिना अनुमति के सोधे या नेटवर्क द्वारा प्रयोग करना भी शामिल है। Hacking के द्वारा Hackers अन्य व्यक्तियों या समूहों के data को चुराते व नष्ट करते हैं। Hacking के द्वारा Hackers मुख्यतः data, password व अन्य infromation को hack कर उन्हें नष्ट कर देते हैं अथवा उनका अनुचित प्रयोग करते हैं। Hackers दो प्रकार के होते हैं


1. White Hat Hackers- इस प्रकार के Hackers मुख्यतः सीखने व मनोरंजन के लिए hacking करते हैं इन्हें Crakers भी कहा जाता है। इनके द्वारा computer system को अनाधिकृत रूप से access करते हुए subject की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। इस प्रकार के hackers अपनी hacking की इस कला को सकारात्मक रूप से प्रयोग करते हुए system की security consultants का कार्य करते हैं। वर्तमान में बहुत सी संस्थाओं द्वारा अपनी व network की सुरक्षा के लिए white hat hackers की नियुक्ति की जा रही है। 

2. Black Hat Hackers- इस प्रकार Hackers का उद्देश्य मुख्यतः data को हानि पहुंचाना होता है। इनके द्वारा system की सुरक्षा में सेंध लगाते हुए उन्हें नुकसान पहुंचाया जाता है अथवा उनका अनुचित प्रयोग किया जाता है। वर्तमान में अधिकतर Hacker के द्वारा Bank accounts में सेंध लगाकर online Fund transfer या ठगी प्रचलित है। 

 

Hacking को रोकने के उपाय -


1. अच्छे antivirus का प्रयोग, 

2. Firewall के प्रयोग द्वारा,

3. Data Encryption के द्वारा। 


Firewall in Hindi || फायरवॉल क्या है। 


Firewall business system में public domain को protect करने के लिए इसे private जिस system के लिए इसे organize किया गया है और दूसरे data की protect करने का permission न दे, इस प्रकार का concept firewall कहलाता है। firewall data के authorized IP address के destination को check करता है। Firewall data packets के IP address को check करने के बाद यह confirm करता है कि data packets को system में entry देनी है कि नहीं। इस प्रकार firewall लगातार कार्य करता है। यह एक system security के लिए important tool है। Firewall को Internet में Internet service software के रूप में Install करने के लिए use किया जाता है।

E-commerce के अन्तर्गत firewall के दो component use किये जाते हैं


(1) Gate,

(2) Choke


 (1) Gate - Gate दो network के बीच data को pass करने के लिए, permission देता है। 


(2) Choke - Choke का कार्य आने वाले उन सभी Data packets को block करना है जो कि system के लिए restricted है।  


Simple firewall की तरह काम करता है, लेकिन critical application में multi firewalls की आवश्यकता पड़ती है, जो कि hacking आदि के risk को कम कर देता है। E-commerce application firewall के अन्दर private data को store कर देता है जो केवल attend किये गये या personal या private data को ही access करने की facility provide करता है। 




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